Rudrapur Riots:Madarsa Students arrested by Police from Masjid

6 Oct

6th Oct 2011 New Delhi

According to Inquilab Daily news Paper of 6th oc t2o11 Police arrested atleast 35 Muslim Students of Madarsa Ghosia from inside jama Masjid Rudrapur.

Ulema Mashikh BoardSecretary Syed Babar Ashraf have demanded immediate release of these students from the Police custody.He said that it highly biased on the part of Police to arrest Muslim Students from the Madarsa where as allowing free roaming to Looters and Violators of Curfew.

Maulana तौकीर  Raza Khan के काफिले को बॉर्डर पर रोका

Oct 04, 08:13 pm

जागरण कार्यालय, किच्छा: रुद्रपुर में दंगे के बाद स्थिति का जायजा लेने जाते ऑल इंडिया इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां के काफिले को पुलिस ने उत्तर प्रदेश की सीमा पर रोक दिया। मिल्लत के गुस्साए कार्यकर्ता सड़क जाम कर धरने पर बैठ गये। तहसीलदार सितारगंज के दो दिन बाद रसद बांटने के आश्वासन पर मौलाना तौकीर बरेली लौट गये।

दोपहर लगभग दो बजे मौलाना तौकीर रजा खां मिल्लत के यूपी अध्यक्ष डॉ. नफीस समेत 80 कार्यकर्ताओं के साथ 10 कारों के काफिले से बॉर्डर पर पहुंचे। सीओ कपकोट उत्तम सिंह नेगी व तहसीलदार सितारगंज सुंदर सिंह तोमर के नेतृत्व में पुलिस बल बॉर्डर पर डेरा डाले था। उनके पहुंचने पर पुलिस ने उनके काफिले को अपने घेरे में ले लिया। डॉ. नफीस ने प्रशासनिक अधिकारियों से दंगाग्रस्त क्षेत्रों को देखने की मांग की। तहसीलदार श्री तोमर ने उत्तराखंड में प्रवेश करने की इजाजत न देने की बात कही। इस पर मिल्लत कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी देने का प्रयास किया, परंतु प्रशासन लगातार उन पर लौटने का दबाव बनाता रहा। गुस्साए कार्यकर्ता बीचोबीच सड़क पर धरना देने बैठ गये। हल्द्वानी से पहुंचे पीस पार्टी के कार्यकर्ता भी उनके साथ धरने पर बैठ गये। इससे एक बार टकराव की स्थिति बन गई। माहौल गर्माता देख तहसीलदार श्री तोमर ने मौलाना तौकीर रजा से क्षेत्र में अमन-चैन के लिए लौटने का आग्रह किया। लगभग एक घंटे तक काफी जद्दोजहद के बाद मौलाना तौकीर रजा दो दिन बाद रसद बांटने की अनुमति का आश्वासन मिलने पर लौटने पर राजी हो गये।

घटनाक्रम पर रही उच्चाधिकारियों की पैनी नजर

किच्छा: मौलाना तौकीर रजा के दौरे को प्रशासन ने गंभीरता से लिया। उनको सीमा पर रोके जाने से लेकर उनके लौटने तक उच्चाधिकारी लगातार वहां मौजूद तहसीलदार व सीओ से लगातार मोबाइल पर संपर्क साधे रहे।

तैयारी से था पुलिस बल

किच्छा: टकराव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल पूरी तैयारी के साथ बॉर्डर पर तैनात था। अनहोनी की आशंका के मद्देनजर पुलिस बल रबर बुलेट गन से लेकर अन्य हथियारों से लैस था।

डेढ़ घंटे तक बॉर्डर पर रही अफरा-तफरी

किच्छा: बॉर्डर पर मौलाना तौकीर रजा को रोकने के बाद उनके काफिले में शामिल वाहनों को रोकने के लिए पुलिस की बैरीकेडिंग से जाम लग गया। इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गई।

भारी पुलिस फोर्स देख खुद नियंत्रित हुआ यातायात

किच्छा: बॉर्डर पर अक्सर व्यापार कर चौकी पर चालकों द्वारा वाहन आड़े-तिरछे खड़ा कर देने की परंपरा बन गई थी, परंतु मंगलवार को भारी पुलिस बल के कारण वाहन चालक स्वयं अपनी हद में रहे। इससे मौलाना तौकीर रजा के लौटने पर यातायात आसानी से सुचारु हो गया।

डीएम ने दिए बॉर्डर पर तैनात रहने के निर्देश

किच्छा: मौलाना तौकीर के लौटने के बाद भी प्रशासन ने राहत की सांस नहीं ली। जिलाधिकारी ने तहसीलदार श्री तोमर को निर्देश देकर पुलिस बल को बॉर्डर पर बने रहने के निर्देश दिये। इस कारण पुलभट्टा चौकी प्रभारी एमएमएस बिष्ट के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर डटा रहा।

सुनियोजित साजिश का नतीजा है दंगा

Oct 05, 09:11 pm

किच्छा: पीस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सैयद शकील अहमद ने रुद्रपुर दंगे को भाजपा और कांग्रेस की साजिश का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि दोनों दलों ने सुनियोजित तरीके से तय रणनीति के तहत दंगा कराया।

बरेली मार्ग के एक होटल में पत्रकारों से वार्ता में श्री अहमद ने कहा कि भाजपा मोदी के एजेंडे को भाजपा शासित प्रदेशों में लागू कर पुन: सत्ता में लौटने का षड्यंत्र रच रही है।,जिसे पीस पार्टी कभी पूरा नहीं होने देगी। उन्होंने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच, मृतकों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये मुआवजे व आगजनी के शिकार लोगों को आर्थिक सहायता देने की मांग की। कहा कि पीस पार्टी को भाजपा और कांग्रेस में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने उत्तराखंड की सभी विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी खड़ा करने का एलान किया। साथ ही संगठन को मजबूत करने के लिए रिजवान मलिक को जिलाध्यक्ष मनोनीत किया। इस दौरान प्रदेश कोषाध्यक्ष संध्या शर्मा, हल्द्वानी मंडल अध्यक्ष मुख्तियार अहमद अंसारी आदि मौजूद थे।

सपाइयों ने बांटी खाद्य सामग्री

Oct 05, 09:12 pm

रुद्रपुर/किच्छा: सपा के प्रमुख महासचिव अब्दुल मतीन सिद्दीकी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल आइजी राम सिंह मीणा से मिला। उन्होंने आइजी से दोषियों पर ही कार्रवाई की मांग की। कहा कि घटना के कारणों की जांच कर साजिश व संरक्षणकर्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधियों ने मोहल्ला खेड़ा, भदईपुरा, पहाड़गंज, सीर गौटिया आदि क्षेत्रों में लोगों का हाल जाना और उनको खाद्य सामग्री वितरित की। श्री सिद्दीकी ने लोगों की समस्याएं सुनकर उनको हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। प्रतिनिधिमंडल में उस्मान अंसारी, अरशद अयूब, हाजी महमूद, गंगा जायसवाल, रेहान अंसारी, जमील मिकरानी, हाजी शाकिर मिकरानी, सुलेमान अंसारी, नगर अध्यक्ष इकबाल कुरैशी, संजय गुप्ता, जुबैर खान, इस्लाम मिकरानी, सलीम अंसारी शामिल थे। इससे पूर्व किच्छा में दंगा प्रभावित परिवारों के लिए लोगों ने रसद सामग्री एकत्र कर रवाना की। क‌र्फ्यू में ढील के बाद ग्राम सिरोली कलां में गत दिवस एकत्र की गई राहत सामग्री तीन वाहनों में भरकर रुद्रपुर रवाना की गई। इस दौरान आसिफ मलिक, सईदुल रहमान, एमयू खान, शकील अहमद, हासिम खां, हफीज मलिक, इकबाल मलिक, हफीज अहमद, हाजी इंतखाफ, असलम मास्टर आदि मौजूद थे।

रिमांड पर पहुंचे कैदी फिर भेजे जेल

Oct 04, 09:42 pm

जागरण कार्यालय, रुद्रपुर: शहर में क‌र्फ्यू से अदालत भी अछूती नहीं रही। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद हल्द्वानी उप कारागार से लाए गए कैदियों को कोर्ट में पेश किया गया। मगर हाईकोर्ट के सरकुलर के आधार पर अवकाश घोषित होने की वजह से कैदियों को पुन: जेल भेज दिया गया। इधर तारीख के मामले में असमंजस में पड़े वादकारी दिन भर अपने-अपने अधिवक्ताओं से संपर्क में लगे रहे। अलबत्ता अवकाश के बावजूद कोर्ट में रिमांड मजिस्ट्रेट एवं न्यायिक अधिकारी कार्यो का निस्तारण करेंगे।

दंगा भड़कने के बाद शहर में लगे क‌र्फ्यू का जिला न्यायालय में व्यापक असर पड़ा है। वाहनों के साथ ही लोगों की आवाजाही पर कड़ा प्रतिबंध लग जाने से अधिकांश वादकारी तो कोर्ट में पहुंच भी नहीं पा रहे हैं। मंगलवार को हल्द्वानी कारागार में बंद मुल्जिमों को रिमांड अवधि समाप्त होने पर जिला न्यायालय में पेशी को लाया गया। मगर क‌र्फ्यू की वजह से अवकाश घोषित हो जाने पर कैदियों को वापस कारागार भेज दिया गया। दरअसल, उच्च न्यायालय से पूर्व में जारी सरकुलर के तहत क‌र्फ्यूग्रस्त जनपद अथवा शहर स्थित जिला न्यायालय में अवकाश का प्रावधान है। ऐसे में जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयदेव सिंह ने कोर्ट में अवकाश की घोषणा कर दी।

यूपी पुलिस लौटी बैरंग

रुद्रपुर: रामपुर से हत्यारोपी कैदी को जिला न्यायालय में पेशी के लिए लेकर शहर पहुंची यूपी पुलिस को क‌र्फ्यू के चलते बैरंग लौटना पड़ा। इंदिरा चौक में पुलिस कर्मियों को क‌र्फ्यू की सूचना मिली तो वे आरोपी को लेकर लौट गए। स्थानीय पुलिस ने उन्हें जिले से लगी सीमा तक छोड़ा।

क‌र्फ्यू में कैसे बीता समय, मत पूछो

Oct 05, 10:14 pm

रवींद्र सिंह धामी, रुद्रपुर

तीन दिन कैसे बीते, मत पूछो। मेरे परिवार को दोस्त ने शरण दी तो कुछ ने कहा-फैक्ट्री से अब निकले हैं। हम सीधे घर जा रहे हैं। क‌र्फ्यू में दो घंटे की ढील मिलने पर परिवार या साथियों के साथ शहर से बाहर जाने वाले अधिकांश लोग कुछ ऐसा ही बोले। उनके चेहरे पर तीन दिनों की पीड़ा साफ झलक रही थी।

शहर के भदईपुरा समेत संवेदनशील क्षेत्रों से दो अक्टूबर को महात्मा गांधी के जन्मदिन पर सुबह घरों से सिडकुल की फैक्ट्री को निकले व काम पर जाने के लिए तैयार हो रहे लोगों को नहीं पता था कि वे जहां हैं, वहीं फंसे रह जाएंगे। हिंसा व आगजनी के बाद अन्य शहरों से आए तमाम लोग भी होटलों में फंसे रहे। हालांकि कुछ पैदल अन्य रास्तों से निकलने में कामयाब रहे, लेकिन बुधवार को रोडवेज बस स्टैंड हो या काशीपुर रोड पर यूपी सीमा व गदरपुर को पैदल निकल रहे लोग जितनी जल्दी हो सके, शहर से बाहर निकलना चाह रहे थे। उनमें छोटे-छोटे बच्चों के साथ महिलाएं भी कम नहीं थीं।

शहर छोड़ने वाले लोगों में रामपुर के सुल्तान व राजपाल ने कहा कि वे शहर के शिवनगर में परिवार के साथ किराए पर रह रहे हैं। वे बेलदारी करते हैं। तीन दिनों में उसके सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया। अब वे रामपुर लौट रहे हैं। पूर्व माध्यमिक विद्यालय सब्जी मंडी में सहायक अध्यापक शेर मोहम्मद ने रोडवेज बस में बच्चों को बिठाने के बाद बताया कि वह स्कूल कैंपस में ही रहते हैं। दहशत के कारण उनका परिवार घटना के बाद ही गांधी कालोनी में दोस्त अजीज खां के यहां चला गया। तीन दिन कैसे बिताए, मत पूछो। बच्चे परेशान हो गए तो बस से बच्चों को बहेड़ी भेज रहे हैं।

सिडकुल की सिटीजन फैक्ट्री में श्रमिक वीरेंद्र, परविंद्र, विनोद प्रसाद अपने घर हरदोई जाने के लिए जल्द से जल्द कैंप में किराए के कमरे में पैदल ही जा रहे थे। उन्होंने बताया कि तीन दिन से फैक्ट्री में फंसे थे। अब वे दो घंटों के भीतर ही जरूरी सामान समेटकर तत्काल हरदोई के लिए निकलना चाहते हैं।

उधर, सिरौली, बरेली के नवीन भी संवेदनशील खेड़ा से निकल गए। उन्होंने बताया कि वह बरेली के लिए बस पकड़ने आए हैं। दूसरी तरफ, काशीपुर रोड पर रेलवे स्टेशन व यूपी सीमा की ओर पैदल बच्चों के साथ निकलने वालों की संख्या खासी रही। उनकी आंखों में पहली बार तीन दिनों में क‌र्फ्यू की पीड़ा साफ झलक रही थी। वह शहर में शांति, अमन, चैन आने के बाद ही लौटना चाह रहे थे। बहरहाल, पहली बार दंगे की पीड़ा लोगों के चेहरे पर साफ झलक रही थी।

 

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