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Tag Archives: islam in syria

सीरिया में हज़रत जैनब और हज़रत खालिद बिन वलीद की मज़ार पर हमले से मुसलमान बेचैन और गुस्से में

26 Jul

अमरोहा ! 26th July 2013

आल इण्डिया जमात रज़ा ऐ मुस्तफा अमरोहा ने सीरिया में नवासी ऐ रसूल हज़रत जैनब और  पैगम्बर हज़रत मुहम्मद साहब के साथी सहाबी हज़रत खालिद बिन वलीद की मज़ार पर आतंकवादियों के द्वारा किये गए हमले की कड़ी भर्त्सना की है !

मीटिंग को संबोधित करते हुए जमात के उपाध्यक्ष डाक्टर अनीस आलम तुर्की ने कहा की पूरी दुनिया भर में आज  अमेरिका की साजिश  पर मुस्लिम राष्ट्रों को तबाह और बर्बाद किया जा रहा है और उसमे खासतौर पर इस्लामी निशानिओं अहले बैयत, सहाबा की मजारो ,सूफी संतो वालिओं के अस्तानो को खासतौर पर निशाना बनाया जा रहा है यह काम अकेले अमेरिका नहीं कर रहा है बल्कि उसने सलफी वहाबी विचारधारा वाले फसादियों की एक फ़ौज तय्यार कर रखी है! यह सलफी आतंकवादी दुनिये भर में मुसलमानों के खून की होली अमेरिका के साथ मिलकर खेल रहे हैं और जहाँ भी जा रहे हैं वहां इस्लामी निशानिओं को खत्म बर्बाद कर रहे हैं !

इसी कड़ी में सीरिया में सुन्नी बनकर उतरे यह फसादी दरअसल वहाबी सलफी है जो न सुन्निओं को छोड़ रहे हैं न शियाओं को और नवासी ऐ रसूल हज़रत जैनब और  पैगम्बर हज़रत मुहम्मद साहब के साथी सहाबी हज़रत खालिद बिन वलीद की मज़ार पर यह ताज़ा हमला इसी साजिश का नतीजा है की मुसलमानो के इतिहास को ही पूरी दुनिया से मिटा दो मगर उनकी यह साजिश कामयाब नहीं हो पायेगी क्यूंकि दुनिया का मुसलमान इस साजिश ने कहा को खूब समझ रहा है !

शहर के सुप्रसिद्ध वकील एडवोकेट शमीम अहमद तुर्क ने कहा की इस घटना की जितनी भी भर्तसना की जाये कम है जो नवासी ऐ रसूल और सहाबी की दरगाह को नहीं छोड़ रहे वोह कैसे मुसलमान हो सकते हैं इन तथाकथित मुसलमानों ने इस्लाम को पूरी दुनिया में बदनाम किया है और इनको पहचानना होगा और इनका इनकी विचरधारा का पूरी तरह बॉयकाट करना होगा!   डाक्टर मुकर्रब हुसैन ने कहा की आलम –ऐ- इस्लाम में आज जो भी अशांति है है वोह सब इसी फसाद की देन है हम सब को इस फसाद को समझना होगा इस फसाद के खिलाफ एक आवाज़ बनकर खड़े होना होगा !

युवा नेता सभासद मुहम्मद यासिर अंसारी ने हमले की मज्ज्मत करते हुए कहा की मुसलमान इन हरकतों को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे और सऊदी अरब को सीरिया के आतंकवादियों का समर्थन करना छोडना होगा !

इस मौके पर मुहम्मद यासिर अंसारी, दानिश वारसी ,फरदीन कादरी,हाफिज मुहम्मद नईम,हाफिज असगर ,याहया खान ,जुनैद काज़मी,हाफिज यामीन समेत जमात रज़ा के पदाधिकारी उपस्थित थे !

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Breaking News:Hazrat Khalid bin Waleed’s shrine destroyed in Syria

23 Jul

BEIRUT – Shelling destroyed the centuries-old mausoleum of a companion of the Prophet Muhammad (PBUH) in the central city of Homs on Monday, a monitoring group and activists said.

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Reports of the destruction of the Muslim pilgrimage site emerged as an intense army campaign to reclaim rebel-held areas of Homs, a strategic junction city, entered its fourth week.
“Activists from the Khaldiyeh neighbourhood in the city of Homs have reported the destruction by army shelling of the mausoleum of the prophet’s companion Khaled bin Walid,” said the Syrian Observatory for Human Rights.
Housed in the rebel area of Khaldiyeh, the Khaled bin Walid mosque had already suffered significant damage during earlier fighting for control of the city.
Amateur video distributed by activists showed the mosque, renowned for its two towering minarets, and images of what was identified as the destroyed mausoleum.
“The Khaled bin Walid mosque was shelled, and the shrine was completely destroyed,” said the unnamed activist filming the footage.
The images show mounds of rubble, stone and metal at the site identified as the mausoleum.
The video also shows an unidentified man lashing out at the world over the destruction of the shrine. “I want to tell Arabs and Muslims, how will you face God after Khalid bin Walid’s shrine has been destroyed? Why have you abandoned besieged Homs?” says the man. Speaking to AFP via the Internet, Khaldiyeh-based activist Yazan said the mosque holds symbolic importance not only for Homs’ residents but for Sunnis as a whole.
“People used to come and visit the shrine from the world over,” Yazan said, adding that the mosque housing the shrine is “practically destroyed”.
Khaldiyeh and the Old City neighbourhoods of Homs, still under rebel control, have been under suffocating army siege and near-daily bomb attacks for more than a year. The mosque housing Khalid bin Walid’s shrine, an important pilgrimage site for Muslims, was built over several centuries. The shrine itself dates to the 11th century, while the mosque was constructed by the Mameluks in the mid-13th century.
Known for his military prowess, Khalid bin Walid’s forces captured Damascus from the Byzantine empire. A military commander under Prophet Muhammad (PBUH) and under two successive caliphs, he died around the year 642, in Homs.
Bin Walid’s mausoleum is the latest of a series of Syrian religious and cultural sites damaged or destroyed in the course of the country’s 28-month war.
In the war-torn northern city of Aleppo, the minaret of the landmark Umayyad mosque was destroyed in April, while parts of the ancient souks were burnt down in September last year.

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